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Showing posts from November, 2014

क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!"

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दो अक्षर की "मौत" और तीन अक्षर के "जीवन" में ढाई अक्षर का "दोस्त" हमेंशा बाज़ी मार जाता हैं.. क्या खुब लिखा है किसी ने ... "बक्श देता है 'खुदा' उनको, ... ! जिनकी 'किस्मत' ख़राब होती है ... !! वो हरगिज नहीं 'बक्शे' जाते है, ... ! जिनकी 'नियत' खराब होती है... !!" न मेरा 'एक' होगा, न तेरा 'लाख' होगा, ... ! न 'तारिफ' तेरी होगी, न 'मजाक' मेरा होगा ... !! गुरुर न कर "शाह-ए-शरीर" का, ... ! मेरा भी 'खाक' होगा, तेरा भी 'खाक' होगा ... !! जिन्दगी भर 'ब्रांडेड-ब्रांडेड' करने वालों ... ! याद रखना 'कफ़न' का कोई ब्रांड नहीं होता ... !! कोई रो कर 'दिल बहलाता' है ... ! और कोई हँस कर 'दर्द' छुपाता है ... !! क्या करामात है 'कुदरत' की, ... ! 'ज़िंदा इंसान' पानी में डूब जाता है और 'मुर्दा' तैर के दिखाता है ... !! 'मौत' को देखा तो नहीं, पर शायद 'वो' बहुत "खूबसूरत" होगी, ... ! "कम्बख़त"...

लड़का : तुम्हारे माँ बाप नहीं मानेगे, हम भागकर शादी कर लेते है

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लड़का : तुम्हारे माँ बाप नहीं मानेगे, हम भागकर शादी कर लेते है लड़की :(गुस्से से) आज तोबोल दिया आगेसे मत बोलना , शादी न हो सके तो न हो , पर में भ्रूण हत्या कि भागीदार नहीं हो सकती लड़का: हमारी शादी में भ्रूण हत्या कहा से आ गयी ? लड़की : एक पिता एक बेटी को एक बेटे से जायदा प्यार करता है , लेकिन जबकोई लड़की घर से भाग कर और समाज के खिलाफ शादी कर लेती है तो उसके कारण कितनी ही मासूम बच्चियों कि हत्या कर दी जाती है, "माँ बाप को बेटीया नहीं चुभती है, बड़ी हो कर बेटी कही कलंक का कारण न बन जाए ये बात चुब्ती है"! सभी लड़के लड़की एसी ही सोच रखे कि माता पिता कि आँख कि शर्म हमारे अंदर जिन्दा है.. —  Unlike

Jocks एक पागलखाने में दो पागल थे।

एक पागलखाने में दो पागल थे। एक दिन जब वे दोनों, पागलों के लिये बनाये गये नहाने के तालाब के किनारे टहल रहे थे तभी अचानक एक का पैर फिसल गया और वह पानी में जा गिरा। उसे तैरना नहीं आता था लिहाजा वह डूबने लगा। उसे दोस्त को डूबते देख दूसरे ने फौरन पानी में छलांग लगायी और बड़ी मेहनत करके उसे जिन्दा बाहर निकाल लाया। जब यह खबर पागलखाने के अधिकारीयों को लगी तो वह आश्चर्य में पड़ गए। उन्होंने सोचा कि अब ये बिलकुल ठीक हो गया है। जिसने भी ये कारनामा सुना उसने यही राय दी कि अब वह ठीक हो गया है। अब वह पागल नहीं है। अधिकारीयों ने उसे पागलखाने से रिहा करने का निश्चय कर लिया। अगले दिन अधिकारी ने उसको अपने कैबिन में बुलाया और कहा, "तुम्हारे लिए दो खबरें हैं; एक बुरी और एक अच्छी। अच्छी खबर यह कि तुम्हें पागलखाने से छुट्टी दी जा रही है क्योंकि अब तुम्हारी दिमागी हालत बिल्कुल ठीक है। तुमने अपने दोस्त की जान बचाने का जो कारनामा किया है उससे यही साबित होता है और बुरी खबर यह है कि तुम्हारे दोस्त ने ठीक तुम्हारे उसकी जान बचाने के बाद बाथरूम में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मर चुका है।" पागल ...

Radhe Radhe

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Sri Rama's lotus feet

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Sri Rama's lotus feet 28 Nov'14 Sringar Darshan Like Sri Sri Gaur Nitai 28 Nov'14 Sringar Darshan Like Sri Rasabihariji 27 Nov'14 Sringar Darshan Li Like